सिंघनपुर गुफा इस पेज में हम छत्तीसगढ़ के प्रमुख पाषाण कालीन स्थल सिंघनपुर के बारे में जानने वाले हैं जो छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित सिंघनपुर गुफा को सबसे पुरानी पाषाण कालीन स्थल कहा जाता है इसमें बहुत सारे शैल चित्र और औजार प्राप्त हुए हैं चलिए इस हम क्रमानुसार जानते हैं - उपनाम तो यह छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना पाषाण कालीन स्थल है साथ में इसे छत्तीसगढ़ का भीमबेटका कहा जाता है। स्थिति यह छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चांवर ढाल पहाड़ी या चंबरढाल पहाड़ी में स्थित है। खोज खोज की बात करें तो यह सबसे पहली बार 1910 में सेल चित्र की खोज हुआ बात करें किसने की तो ब्रिटिश काल के मध्य प्रांत में प्रशासक का नाम था एंडरसन ने खोज किया था । बात करें कि कौन - सी नदी के किनारे खोज किया था तो महानदी के किनारे। सर्वेक्षण बात करें इसकी सर्वेक्षण की तो 1925- 27 में इसका व्यापक सर्वेक्षण 30 के दशक में हुआ था रेलवे इंजीनियर थे अमरनाथ दत्त ने करवाया था। सिंघनपुर के अंतर्गत क्या- क्या प्राप्त हुआ? शैल चित्र छत्तीसगढ़ के सिंघनपुर गुफा में सेल चित्र को तो प्राप्...
छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन भू - प्राकृतिक रूप से छत्तीसगढ़ को चार प्रदेश में बांटा गया है जो इस प्रकार है- (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार (2). जसपुर शामली पाठ प्रदेश (3). महानदी बेसिन (4.) दंडकारण्य का पठार भू - प्राकृतिक भौतिक स्वरूप के आधार पर भी छत्तीसगढ़ को बांटा गया है इस प्रकार से- (1). मैदानी प्रदेश (2). पहाड़ी प्रदेश (3). पठार एवं पाठ प्रदेश (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार • उत्तरी सोन नदी बहती है इसीलिए इसे सोन के बेसिन का भाग भी कहा जाता है। • यह पठार को गंगा नदी और महा नदी के बीच जला विभाजन का दक्षिण भाग भी कहा जाता है। • इसमें आर्कियन शैल समूह और पहाड़ी क्षेत्र में प्रमुख रूप से गोंडवाना शैल समूह की प्रधानता है। • इसमें लाल पीली मिट्टी मुख्य रूप से पाई जाती । फसल - चावल ( मुख्य ) , ज्वार , तिल , अलसी । औसत वर्षा- 125 सेंटीमीटर. औसत ऊंचाई - 700 भी. Read More: छत्तीसगढ़ के संभाग और जिला के notes Note - कर्क रेखा किस के मध्य से गुजरती है। ( कोरिया के 16 तहसील से कर्क रेखा और भारतीय मानक...