अध्याय 1: भारत का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric India) प्रागैतिहासिक काल वह समय है जब इंसान प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाना सीख रहा था। इसे मुख्य रूप से दो बड़े हिस्सों में बांटा गया है: पाषाण युग और ताम्रपाषाण युग । 1. पाषाण युग (Stone Age) इंसान ने सबसे पहले पत्थर को अपना हथियार और औजार बनाया, इसीलिए इसे 'पाषाण युग' कहते हैं। इसे तीन चरणों में समझा जा सकता है: क. पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age - शिकार और संग्रह) यह मानव इतिहास का सबसे लंबा समय है। जीवनशैली: इंसान पूरी तरह से 'खानाबदोश' (Nomadic) था। वह शिकार करता था और कंद-मूल इकट्ठा करता था। औजार: बड़े और बेडौल पत्थर के औजार जैसे 'हस्तकुठार' (Hand-axe) और 'खंडक' (Choppers)। बड़ी उपलब्धि: इसी काल के अंत तक इंसान ने आग का उपयोग करना सीख लिया था, जो एक क्रांतिकारी बदलाव था। प्रमुख स्थल: भीमबेटका (मध्य प्रदेश) की गुफाएं, जहाँ इंसान ने अपनी पहली पेंटिंग्स बनाईं। ख. मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age - संक्रमण काल) अब जलवायु गर्म होने लगी थी और इंसान ने खुद को बदलना शुरू किया। औजार (Microliths): अब औजा...
छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन भू - प्राकृतिक रूप से छत्तीसगढ़ को चार प्रदेश में बांटा गया है जो इस प्रकार है- (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार (2). जसपुर शामली पाठ प्रदेश (3). महानदी बेसिन (4.) दंडकारण्य का पठार भू - प्राकृतिक भौतिक स्वरूप के आधार पर भी छत्तीसगढ़ को बांटा गया है इस प्रकार से- (1). मैदानी प्रदेश (2). पहाड़ी प्रदेश (3). पठार एवं पाठ प्रदेश (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार • उत्तरी सोन नदी बहती है इसीलिए इसे सोन के बेसिन का भाग भी कहा जाता है। • यह पठार को गंगा नदी और महा नदी के बीच जला विभाजन का दक्षिण भाग भी कहा जाता है। • इसमें आर्कियन शैल समूह और पहाड़ी क्षेत्र में प्रमुख रूप से गोंडवाना शैल समूह की प्रधानता है। • इसमें लाल पीली मिट्टी मुख्य रूप से पाई जाती । फसल - चावल ( मुख्य ) , ज्वार , तिल , अलसी । औसत वर्षा- 125 सेंटीमीटर. औसत ऊंचाई - 700 भी. Read More: छत्तीसगढ़ के संभाग और जिला के notes Note - कर्क रेखा किस के मध्य से गुजरती है। ( कोरिया के 16 तहसील से कर्क रेखा और भारतीय मानक...