Skip to main content

Posts

भारत का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric India)

  अध्याय 1: भारत का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric India) प्रागैतिहासिक काल वह समय है जब इंसान प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाना सीख रहा था। इसे मुख्य रूप से दो बड़े हिस्सों में बांटा गया है: पाषाण युग और ताम्रपाषाण युग । 1. पाषाण युग (Stone Age) इंसान ने सबसे पहले पत्थर को अपना हथियार और औजार बनाया, इसीलिए इसे 'पाषाण युग' कहते हैं। इसे तीन चरणों में समझा जा सकता है: क. पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age - शिकार और संग्रह) यह मानव इतिहास का सबसे लंबा समय है। जीवनशैली: इंसान पूरी तरह से 'खानाबदोश' (Nomadic) था। वह शिकार करता था और कंद-मूल इकट्ठा करता था। औजार: बड़े और बेडौल पत्थर के औजार जैसे 'हस्तकुठार' (Hand-axe) और 'खंडक' (Choppers)। बड़ी उपलब्धि: इसी काल के अंत तक इंसान ने आग का उपयोग करना सीख लिया था, जो एक क्रांतिकारी बदलाव था। प्रमुख स्थल: भीमबेटका (मध्य प्रदेश) की गुफाएं, जहाँ इंसान ने अपनी पहली पेंटिंग्स बनाईं। ख. मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age - संक्रमण काल) अब जलवायु गर्म होने लगी थी और इंसान ने खुद को बदलना शुरू किया। औजार (Microliths): अब औजा...

UPSC prelims के अभी तक के प्रागैतिहासिक काल एवं सिंधु घाटी सभ्यता के PYQ

UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQ) का विश्लेषण करना सबसे जरूरी कदम है। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं साल 1995 से 2025 तक के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न, वह भी पूरी तरह हिंदी में। हमने ना सिर्फ सवालों के सही उत्तर दिए हैं, बल्कि उनकी विस्तृत व्याख्या (विस्तृत व्याख्या) भी की है, ताकि आप कॉन्सेप्ट को गहराई से समझ सकें और आने वाली परीक्षाओं की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।'' अध्याय 01: प्राचीन भारत प्रागैतिहासिक काल एवं सिंधु घाटी सभ्यत ा 1. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'नचती हुई लड़की' (Dancing Girl) नामक विख्यात नारी लघुमूर्ति किस पदार्थ की बनी है? (2025) (a) इन्द्रगोप मणि (Carnelian) (b) मृत्तिका (Clay) (c) कांस्य (Bronze) (d) स्वर्ण (Gold) Show Answer & Details उत्तर: (c) कांस्य यह विश्व की सबसे पुरानी कांस...

UPSC Previous Year Questions (2025 - 1995 ) in Hindi ( यूपीएससी के पिछले वर्ष के प्रश्न (2025 - 1995) हिंदी में )

विषय-सूची पेपर 1 (सामान्य अध्ययन) भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन 1. प्राचीन भारत प्रागैतिहासिक काल एवं सिन्धु घाटी सभ्यता वैदिक संस्कृति महाजनपद एवं पूर्व मौर्यकाल बौद्ध एवं जैन धर्म मौर्य एवं मौर्योत्तर काल संगम काल एवं दक्षिण भारत का इतिहास गुप्त साम्राज्य एवं प्रशासन गुप्तोत्तर काल / प्रारम्भिक मध्यकाल 2. मध्यकालीन भारत विदेशी आक्रमण एवं दिल्ली सल्तनत क्षेत्रीय साम्राज्य का उदय विजयनगर एवं बहमनी साम्राज्य भक्ति एवं सूफी आन्दोलन मुगल साम्राज्य मराठा शासन एवं प्रशासन 3. आधुनिक भारत एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन यूरोपीय शक्तियों का आगमन और भारत की ब्रिटिश विजय ब्रिटिश प्रशासन एवं नीतियां भारत में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्द...

UPSC History Foundation Course In hindi

  Upsc history Subject e book (Prelims + Mains) in hindi by Upsc walla Book Contains - प्राक इतिहास   इतिहास  क्या है? इतिहास के भाग  प्रागेतिक इतिहास -    पाषाण काल   पाषाण काल के भा ग        2.आध इतिहास  सिंधु सभ्यता  (सिंधु सभ्यता का नाम क्यों पड़ा ,क्षेत्रफल ,आकार, महत्त्वपूर्ण खोज )  हड़प्पा सभ्यता  चंदहुदडो   मोहनजुदडो रोपड़ , बनवाली , कालीबंगा  , धोलावीरा , सुत्कागेनडोर , लोथल  , रंगपुर   सिंधु सभ्यता की विशेषताये  मेसोपोटामिया की सभ्यता   मिस्र की सभ्यता  यूरोपियन सभ्यताएं       3. ऐतिहासिक इतिहास  पुरातात्विक स्त्रोत सिक्का  अभिलेख हर एक दो दिन में 1 नोट्स Notes upload होगी । आप हमारे टेलीग्राम चैनल और यूट्यूब चैनल को फॉलो और subscribe कर लीजिए ।

छत्तीसगढ़ में लागू होगा बाघ मित्र मॉडल (Chhattisgarh bagh mitra moadal )

1. छत्तीसगढ़ में लागू होगा ‘बाघ मित्र मॉडल’ छत्तीसगढ़ सरकार ने बाघों और अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ‘बाघ मित्र योजना’ को लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत प्रशिक्षित स्वयंसेवकों और अधिकारियों की मदद से बाघों के संरक्षण और मानव-बाघ संघर्ष को कम करने पर ज़ोर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश की तर्ज़ पर गांवों में जागरूकता फैलाने और रिपोर्टिंग व्यवस्था को सशक्त किया जाएगा। 2. बाघों और हाथियों की मृत्यु पर हाईकोर्ट में सुनवाई राज्य में बाघों और हाथियों की हो रही असामयिक मृत्यु पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा, जिसके तहत वन विभाग ने हलफनामा पेश किया और आगे की कार्रवाई की जानकारी दी। कोर्ट में बताया गया कि 17 मार्च को हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस दिशा में कई निर्णय लिए गए हैं। 3. कोरबा में बाघ की संदिग्ध मौत – गंभीर चिंता का विषय 8 नवंबर 2024 को कोरबा जिले के गुरु घासीदास नेशनल पार्क रिज़र्व क्षेत्र में एक बाघ का शव सड़ी-गली हालत में पाया गया। यह इलाका छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा के पास है और बाघों के मूवमेंट का अ...

करीब चार दशक बाद राजनांदगांव खैरागढ़ और कवर्धा फौज की वापसी After four decades, Rajnandgaon Khairagarh and Kawardha army returns in Hindi

 1. राजनांदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा नक्सलवाद से मुक्त – एक ऐतिहासिक उपलब्धि छत्तीसगढ़ के तीन ज़िले – राजनांदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा – जो वर्षों से नक्सली हिंसा और आतंक के साए में थे, अब आधिकारिक रूप से नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बाहर कर दिए गए हैं। यह राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति और स्थानीय लोगों के सहयोग का परिणाम है। इन जिलों में पिछले कुछ वर्षों में नक्सली गतिविधियों में भारी कमी देखी गई है, जिससे यह संभव हुआ। इससे इन क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 2. सुरक्षा बलों की तैनाती और चरणबद्ध वापसी लंबे समय तक नक्सलियों के ख़िलाफ़ मोर्चा संभालने वाले सुरक्षा बलों की अब इन क्षेत्रों से वापसी शुरू हो चुकी है। ITBP (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और CRPF (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) की बटालियनों की तैनाती धीरे-धीरे कम की जा रही है। हालांकि, पूरी तरह वापसी से पहले इन इलाकों में स्थायी पुलिस व्यवस्था और गुप्तचर नेटवर्क को मज़बूत किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नक्सली दोबारा इन क्षेत्रों में अपनी जड़ें न जमा सकें। 3. व...

ई - ऑफिस, स्वागतम और सीएमओ ऑनलाइन पोर्टल हुआ सुरु

ई - ऑफिस, स्वागतम और सीएमओ ऑनलाइन पोर्टल हुआ सुरु  छत्तीसगढ़ में ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए तथा भ्रष्टाचार को कम करने के लिए आईटी का उपयोग किया जा रहा है बुधवार को साय ने अभी तीन पोर्टल लॉन्च किया जिसमें ई - ऑफिस स्वागतम और सीएमओ ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया । इस पहल से आने वाली सरकार में भ्रष्टाचार की गुंजाइश को कम करने तथा सरकारी कामकाजों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए और पारदर्शिता लाने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार ने ई गवर्नेंस आईटी का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करने का निर्णय लिया है। जिसका शुभारंभ साइन ने महानदी भवन में बटन दबाकर किया । इस दौरान साइन ने मुख्य सचिव को सभी विभागों में ई ऑफिस पोर्टल उपयोग करने के निर्देश दिए तथा सभी फाइलों का डिजिटल कारण करने का निर्देश भी दिए। यह   तीनों ऑनलाइन पोर्टल विष्णु देव सहाय ने मंत्रालय में लॉन्च किया भ्रष्टाचार रोधी होंगे यह तीन ऑनलाइन पोर्टल भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश ही नहीं ।  ई ऑफिस पोर्टल क्या है ? ई - ऑफिस प्रणाली शुरुआती चरण में सामान्य प्रशासन में लागू किया जाएगा इसकी सहायता से जितने भी फाइल हैं सबका डिजिटल कारण किया जाएगा...

Popular posts from this blog

छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन Notes ( Chhattisgarh ka prakrutik vibhajan Notes )

    छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन  भू - प्राकृतिक रूप से छत्तीसगढ़ को चार प्रदेश में बांटा गया है जो इस प्रकार है-  (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार  (2). जसपुर शामली पाठ प्रदेश (3). महानदी बेसिन (4.) दंडकारण्य का पठार    भू - प्राकृतिक भौतिक स्वरूप के आधार पर भी छत्तीसगढ़ को बांटा गया है इस प्रकार से-  (1). मैदानी प्रदेश (2). पहाड़ी प्रदेश (3). पठार एवं पाठ प्रदेश   (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार  • उत्तरी सोन नदी बहती है इसीलिए इसे सोन के बेसिन का भाग भी कहा जाता है। • यह पठार को गंगा नदी और महा नदी के बीच जला विभाजन का दक्षिण भाग भी कहा जाता है।  • इसमें आर्कियन शैल समूह और पहाड़ी क्षेत्र में प्रमुख रूप से गोंडवाना शैल समूह की प्रधानता है। • इसमें लाल पीली मिट्टी मुख्य रूप से पाई जाती ।  फसल -  चावल ( मुख्य ) , ज्वार , तिल , अलसी ।   औसत वर्षा-  125 सेंटीमीटर. औसत ऊंचाई - 700 भी. Read More: छत्तीसगढ़ के संभाग और जिला के notes Note - कर्क रेखा किस के मध्य से गुजरती है। ( कोरिया के 16 तहसील से कर्क रेखा और भारतीय मानक...

छत्तीसगढ़ का जिला निर्माण का क्रम Notes ( Chhattisgarh ka jilla nirman ke kram )

    छत्तीसगढ़ के जिले निर्माण का क्रम  1961 -62 में बने जिले - इस समय छत्तीसगढ़ राज्य नहीं बना था और यह मध्य प्रदेश प्रांत का हिस्सा था 1961- 62 में 2 जिलों का निर्माण हुआ रायपुर और बिलासपुर छत्तीसगढ़ के राज्य बनने से पहले।  1906 में बने जिले - 1906 में तीसरा जिला जो छत्तीसगढ़ के बनने से पहले बना वह था दुर्ग इस प्रकार 1906 में छत्तीसगढ़ जिला छत्तीसगढ़ राज्य बनने से पहले कूल 3 जिला थी।  Read More : छत्तीसगढ़ के वन्य जीव अभ्यारण 1948 में बने हुए जिले - 1948 जब हमारा देश आजाद हुआ इस समय 3 जिले और बने रायगढ़ ,बस्तर ,सरगुजा इस तरह 1948 तक छत्तीसगढ़ बनने से पहले कुल 6 जिले बन चुके थे। 1973 में बने जिले-    1973 केवल एक जिला बना जिसे राजनंदगांव कहते हैं । इस समय छत्तीसगढ़ बनने से पहले छत्तीसगढ़ में जिले का क्रम जो सातवें नंबर का जिला है वह राजनंदगांव है। Note - याद करने की ट्रिक  ( 1948 से लेकर 1973 जिलों को इस प्रकार से आप याद कर सकते हैं ) "राय बस सर  राज"  राय - रायगढ़ बस  - बस्तर सर - सरगुजा राज - राजनंदगांव

एतिहासिक काल की Notes ( Historical Period Notes in hindi ) RR

  ऐतिहासिक काल (Historical Period)  जैसा कि आपको पता है कि इतिहास का खोज हेरोडोटस ने किया था । इतिहास को जब हम अध्ययन करते हैं तो इसे तीन भागों में बांट कर अध्ययन किया जाता है प्रागैतिहासिक , आध इतिहास और ऐतिहासिक काल। ऐतिहासिक काल की परिभाषा - "वह इतिहास जहां लिखित के स्त्रोत उपलब्ध है और उन्हें पढ़ा भी जा सकता है " इसके अंतर्गत वैदिक काल से लेकर अभी तक के इतिहास को पढ़ा जाता है। ऊपर दिखाई दे रहे चित्र" ऐतिहासिक काल की संरचना "के अनुसार समझिए की ऐतिहासिक काल को किस प्रकार से अध्ययन किया जाता है। ऐतिहासिक काल को अध्ययन करने के लिए तीन मुख्य प्रकार में बांटा गया है जिससे हम ऐतिहासिक काल को अध्ययन करते हैं जो किस प्रकार है- पुरातात्विक, विदेश यात्रा और साहित्य इन तीनों प्रकार के स्त्रोत हम ऐतिहासिक काल का अध्ययन करते हैं। पुरातात्विक - इस प्रकार में इतिहास के ऐतिहासिक काल का अध्ययन करने के लिए दो मुख्य स्त्रोत है जो कुछ इस प्रकार है- (1) . सिक्का (2). अभिलेख (1) . सिक्का   सिक्के का अध्ययन करना न्यूमेसमेटिकस कहलाता है   सिंधु सभ्यता - इस सभ्यता में जो सिक्का पाया था व...