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UPSC prelims के अभी तक के प्रागैतिहासिक काल एवं सिंधु घाटी सभ्यता के PYQ

UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए पिछले वर्ष के प्रश्न (PYQ) का विश्लेषण करना सबसे जरूरी कदम है। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं साल 1995 से 2025 तक के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न, वह भी पूरी तरह हिंदी में। हमने ना सिर्फ सवालों के सही उत्तर दिए हैं, बल्कि उनकी विस्तृत व्याख्या (विस्तृत व्याख्या) भी की है, ताकि आप कॉन्सेप्ट को गहराई से समझ सकें और आने वाली परीक्षाओं की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।'' अध्याय 01: प्राचीन भारत प्रागैतिहासिक काल एवं सिंधु घाटी सभ्यत ा 1. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'नचती हुई लड़की' (Dancing Girl) नामक विख्यात नारी लघुमूर्ति किस पदार्थ की बनी है? (2025) (a) इन्द्रगोप मणि (Carnelian) (b) मृत्तिका (Clay) (c) कांस्य (Bronze) (d) स्वर्ण (Gold) Show Answer & Details उत्तर: (c) कांस्य यह विश्व की सबसे पुरानी कांस...

UPSC Previous Year Questions (2025 - 1995 ) in Hindi ( यूपीएससी के पिछले वर्ष के प्रश्न (2025 - 1995) हिंदी में )

विषय-सूची पेपर 1 (सामान्य अध्ययन) भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन 1. प्राचीन भारत प्रागैतिहासिक काल एवं सिन्धु घाटी सभ्यता वैदिक संस्कृति महाजनपद एवं पूर्व मौर्यकाल बौद्ध एवं जैन धर्म मौर्य एवं मौर्योत्तर काल संगम काल एवं दक्षिण भारत का इतिहास गुप्त साम्राज्य एवं प्रशासन गुप्तोत्तर काल / प्रारम्भिक मध्यकाल 2. मध्यकालीन भारत विदेशी आक्रमण एवं दिल्ली सल्तनत क्षेत्रीय साम्राज्य का उदय विजयनगर एवं बहमनी साम्राज्य भक्ति एवं सूफी आन्दोलन मुगल साम्राज्य मराठा शासन एवं प्रशासन 3. आधुनिक भारत एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन यूरोपीय शक्तियों का आगमन और भारत की ब्रिटिश विजय ब्रिटिश प्रशासन एवं नीतियां भारत में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्द...

UPSC History Foundation Course In hindi

  Upsc history Subject e book (Prelims + Mains) in hindi by Upsc walla Book Contains - प्राक इतिहास   इतिहास  क्या है? इतिहास के भाग  प्रागेतिक इतिहास -    पाषाण काल   पाषाण काल के भा ग        2.आध इतिहास  सिंधु सभ्यता  (सिंधु सभ्यता का नाम क्यों पड़ा ,क्षेत्रफल ,आकार, महत्त्वपूर्ण खोज )  हड़प्पा सभ्यता  चंदहुदडो   मोहनजुदडो रोपड़ , बनवाली , कालीबंगा  , धोलावीरा , सुत्कागेनडोर , लोथल  , रंगपुर   सिंधु सभ्यता की विशेषताये  मेसोपोटामिया की सभ्यता   मिस्र की सभ्यता  यूरोपियन सभ्यताएं       3. ऐतिहासिक इतिहास  पुरातात्विक स्त्रोत सिक्का  अभिलेख हर एक दो दिन में 1 नोट्स Notes upload होगी । आप हमारे टेलीग्राम चैनल और यूट्यूब चैनल को फॉलो और subscribe कर लीजिए ।

छत्तीसगढ़ में लागू होगा बाघ मित्र मॉडल (Chhattisgarh bagh mitra moadal )

1. छत्तीसगढ़ में लागू होगा ‘बाघ मित्र मॉडल’ छत्तीसगढ़ सरकार ने बाघों और अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ‘बाघ मित्र योजना’ को लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत प्रशिक्षित स्वयंसेवकों और अधिकारियों की मदद से बाघों के संरक्षण और मानव-बाघ संघर्ष को कम करने पर ज़ोर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश की तर्ज़ पर गांवों में जागरूकता फैलाने और रिपोर्टिंग व्यवस्था को सशक्त किया जाएगा। 2. बाघों और हाथियों की मृत्यु पर हाईकोर्ट में सुनवाई राज्य में बाघों और हाथियों की हो रही असामयिक मृत्यु पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा, जिसके तहत वन विभाग ने हलफनामा पेश किया और आगे की कार्रवाई की जानकारी दी। कोर्ट में बताया गया कि 17 मार्च को हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस दिशा में कई निर्णय लिए गए हैं। 3. कोरबा में बाघ की संदिग्ध मौत – गंभीर चिंता का विषय 8 नवंबर 2024 को कोरबा जिले के गुरु घासीदास नेशनल पार्क रिज़र्व क्षेत्र में एक बाघ का शव सड़ी-गली हालत में पाया गया। यह इलाका छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा के पास है और बाघों के मूवमेंट का अ...

करीब चार दशक बाद राजनांदगांव खैरागढ़ और कवर्धा फौज की वापसी After four decades, Rajnandgaon Khairagarh and Kawardha army returns in Hindi

 1. राजनांदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा नक्सलवाद से मुक्त – एक ऐतिहासिक उपलब्धि छत्तीसगढ़ के तीन ज़िले – राजनांदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा – जो वर्षों से नक्सली हिंसा और आतंक के साए में थे, अब आधिकारिक रूप से नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बाहर कर दिए गए हैं। यह राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति और स्थानीय लोगों के सहयोग का परिणाम है। इन जिलों में पिछले कुछ वर्षों में नक्सली गतिविधियों में भारी कमी देखी गई है, जिससे यह संभव हुआ। इससे इन क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 2. सुरक्षा बलों की तैनाती और चरणबद्ध वापसी लंबे समय तक नक्सलियों के ख़िलाफ़ मोर्चा संभालने वाले सुरक्षा बलों की अब इन क्षेत्रों से वापसी शुरू हो चुकी है। ITBP (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और CRPF (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) की बटालियनों की तैनाती धीरे-धीरे कम की जा रही है। हालांकि, पूरी तरह वापसी से पहले इन इलाकों में स्थायी पुलिस व्यवस्था और गुप्तचर नेटवर्क को मज़बूत किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नक्सली दोबारा इन क्षेत्रों में अपनी जड़ें न जमा सकें। 3. व...

ई - ऑफिस, स्वागतम और सीएमओ ऑनलाइन पोर्टल हुआ सुरु

ई - ऑफिस, स्वागतम और सीएमओ ऑनलाइन पोर्टल हुआ सुरु  छत्तीसगढ़ में ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए तथा भ्रष्टाचार को कम करने के लिए आईटी का उपयोग किया जा रहा है बुधवार को साय ने अभी तीन पोर्टल लॉन्च किया जिसमें ई - ऑफिस स्वागतम और सीएमओ ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया । इस पहल से आने वाली सरकार में भ्रष्टाचार की गुंजाइश को कम करने तथा सरकारी कामकाजों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए और पारदर्शिता लाने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार ने ई गवर्नेंस आईटी का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करने का निर्णय लिया है। जिसका शुभारंभ साइन ने महानदी भवन में बटन दबाकर किया । इस दौरान साइन ने मुख्य सचिव को सभी विभागों में ई ऑफिस पोर्टल उपयोग करने के निर्देश दिए तथा सभी फाइलों का डिजिटल कारण करने का निर्देश भी दिए। यह   तीनों ऑनलाइन पोर्टल विष्णु देव सहाय ने मंत्रालय में लॉन्च किया भ्रष्टाचार रोधी होंगे यह तीन ऑनलाइन पोर्टल भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश ही नहीं ।  ई ऑफिस पोर्टल क्या है ? ई - ऑफिस प्रणाली शुरुआती चरण में सामान्य प्रशासन में लागू किया जाएगा इसकी सहायता से जितने भी फाइल हैं सबका डिजिटल कारण किया जाएगा...

8 वीं तक पास का नियम बदलेगा और 5वीं और 8वीं होंगे सीजी बोर्ड ।

8 वीं तक पास का नियम बदलेगा और 5वीं और 8वीं होंगे सीजी बोर्ड । हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आरटीई कानून में बदलाव के निर्देश दिए हैं , विष्णु देव सरकार ने हाल ही में शिक्षा विभाग में अफसर से बात की तथा तथा बताया कि हालही में शिक्षा के स्तर मे गिरावट आ रही है , तथा बच्चों के गुणवत्ता में कमी आ रही है , वर्तमान के शिक्षा नीति में आठवीं तक बच्चों को पास कर दिया जा रहा है । चाहे इसमें बच्चों को लिखना पढ़ना नहीं भी आ रहा हो । जिससे नवमी के शिक्षकों को पूरा भार उठाना पढ़ रहा है ।अगले शिक्षा सत्र से यह नियम बदलने वाले हैं तथा पांचवी और आठवीं दोनों सीजी बोर्ड होने वाले हैं जिससे आने वाले बच्चों की शिक्षा और शिक्षा पद्धति में गुणवत्ता लाया जा सके साथ में छत्तीसगढ़ का विकास कराया जा सके । नवमी के शिक्षकों को उठानी पड़ती है पूरा भार  मीडिया टीम भास्कर के अनुसार उन्होंने गरियाबंद धमतरी राजिम और अन्य सामने के जिलों में 50 से ज्यादा स्कूलों में उन्होंने शिक्षकों का इंटरव्यू लिया तथा उनसे पूछा गया की शिक्षा पद्धति जिसमें आठवीं तक बच्चों को बिना लिखने पढ़ने के बाद भी पास कर दिया जाता है क्या यह श...