करीब चार दशक बाद राजनांदगांव खैरागढ़ और कवर्धा फौज की वापसी After four decades, Rajnandgaon Khairagarh and Kawardha army returns in Hindi
1. राजनांदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा नक्सलवाद से मुक्त – एक ऐतिहासिक उपलब्धि छत्तीसगढ़ के तीन ज़िले – राजनांदगांव, खैरागढ़ और कवर्धा – जो वर्षों से नक्सली हिंसा और आतंक के साए में थे, अब आधिकारिक रूप से नक्सल प्रभावित जिलों की सूची से बाहर कर दिए गए हैं। यह राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति और स्थानीय लोगों के सहयोग का परिणाम है। इन जिलों में पिछले कुछ वर्षों में नक्सली गतिविधियों में भारी कमी देखी गई है, जिससे यह संभव हुआ। इससे इन क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 2. सुरक्षा बलों की तैनाती और चरणबद्ध वापसी लंबे समय तक नक्सलियों के ख़िलाफ़ मोर्चा संभालने वाले सुरक्षा बलों की अब इन क्षेत्रों से वापसी शुरू हो चुकी है। ITBP (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और CRPF (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) की बटालियनों की तैनाती धीरे-धीरे कम की जा रही है। हालांकि, पूरी तरह वापसी से पहले इन इलाकों में स्थायी पुलिस व्यवस्था और गुप्तचर नेटवर्क को मज़बूत किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नक्सली दोबारा इन क्षेत्रों में अपनी जड़ें न जमा सकें। 3. व...