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CGPSC 2023 वन्य जीव अभ्यारण बहुविकल्पी प्रश्न उत्तर (CGPSC 2023 MCQ Questions Answer in Hindi )

   CGPSC MCQ Questions Answer in Hindi  1. भारत और छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा वन्य जीव अभ्यारण कौन सा है? a : तमोर पिंगला b : सेमरशोत अभ्यारण c : बादलखोल d : उदंती अभ्यारण Show Answer Correct Answer : a [तमोर पिंगला] 2. तमोर पिंगला वन्य जीव अभ्यारण कब बनाया गया था? a : 1978 b : 1977 c : 1976 d : 1975 Show Answer Correct Answer : a [1978] 3. तमोर पिंगला वन्य जीव अभ्यारण का क्षेत्रफल कितना है? a : 605 स्क्वायर किलोमीटर b : 640 स्क्वायर किलोमीटर c : 608 स्क्वायर किलोमीटर d : 610 स्क्वायर किलोमीटर Show Answer Correct Answer : c [608 स्क्वायर किलोमीटर] 4. तमोर पिंगला किस जिले में स्थित है? a : बलरामपुर b : सूरजपुर c : जसपुर d : रायपुर Show Answer Correct Answer : b [सूरजपुर] 5. सबसे नवीनतम वन्य अभ्यारण कौन सा है छत्तीसगढ़ का? a : बादल खोल b : उदंती c : ...

CGPSC 2022-23 Chhattisgarh Geography MCQ Question Answer in Hindi

1. छत्तीसगढ़ में कुल कितने संभाग पाए जाते हैं? a : 3 b : 4 c : 5 d : 6 Show Answer Correct Answer : c [5] 2. सबसे नवीनतम संभाग छत्तीसगढ़ का कौन सा है? a : सरगुजा b : दुर्ग c : रायपुर d : बस्तर Show Answer Correct Answer : b [दुर्ग] 3. छत्तीसगढ़ में वर्तमान कितने जिले हैं? a : 27 b : 28 c : 29 d : 30 Show Answer Correct Answer : b [28] 4. छत्तीसगढ़ में भू आवेष्ठित जिलों की संख्या कितनी है? a : 8 b : 9 c : 10 d : 11 Show Answer Correct Answer : c [10] 5. छत्तीसगढ़ में बिना भू आवेष्ठित वाले जिले की संख्या कितनी है? a : 16 b : 19 c : 18 d : 17 Show Answer Correct Answer : c [18] 6. छत्तीसगढ़ को कुल कितने राज्य स्पर्श करते हैं? a : 5 b : 6 c : 7 d : 8 Show Answer Correct Answer : c [7] ...

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छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन Notes ( Chhattisgarh ka prakrutik vibhajan Notes )

    छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन  भू - प्राकृतिक रूप से छत्तीसगढ़ को चार प्रदेश में बांटा गया है जो इस प्रकार है-  (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार  (2). जसपुर शामली पाठ प्रदेश (3). महानदी बेसिन (4.) दंडकारण्य का पठार    भू - प्राकृतिक भौतिक स्वरूप के आधार पर भी छत्तीसगढ़ को बांटा गया है इस प्रकार से-  (1). मैदानी प्रदेश (2). पहाड़ी प्रदेश (3). पठार एवं पाठ प्रदेश   (1). पूर्वी बघेलखंड का पठार  • उत्तरी सोन नदी बहती है इसीलिए इसे सोन के बेसिन का भाग भी कहा जाता है। • यह पठार को गंगा नदी और महा नदी के बीच जला विभाजन का दक्षिण भाग भी कहा जाता है।  • इसमें आर्कियन शैल समूह और पहाड़ी क्षेत्र में प्रमुख रूप से गोंडवाना शैल समूह की प्रधानता है। • इसमें लाल पीली मिट्टी मुख्य रूप से पाई जाती ।  फसल -  चावल ( मुख्य ) , ज्वार , तिल , अलसी ।   औसत वर्षा-  125 सेंटीमीटर. औसत ऊंचाई - 700 भी. Read More: छत्तीसगढ़ के संभाग और जिला के notes Note - कर्क रेखा किस के मध्य से गुजरती है। ( कोरिया के 16 तहसील से कर्क रेखा और भारतीय मानक...

छत्तीसगढ़ का जिला निर्माण का क्रम Notes ( Chhattisgarh ka jilla nirman ke kram )

    छत्तीसगढ़ के जिले निर्माण का क्रम  1961 -62 में बने जिले - इस समय छत्तीसगढ़ राज्य नहीं बना था और यह मध्य प्रदेश प्रांत का हिस्सा था 1961- 62 में 2 जिलों का निर्माण हुआ रायपुर और बिलासपुर छत्तीसगढ़ के राज्य बनने से पहले।  1906 में बने जिले - 1906 में तीसरा जिला जो छत्तीसगढ़ के बनने से पहले बना वह था दुर्ग इस प्रकार 1906 में छत्तीसगढ़ जिला छत्तीसगढ़ राज्य बनने से पहले कूल 3 जिला थी।  Read More : छत्तीसगढ़ के वन्य जीव अभ्यारण 1948 में बने हुए जिले - 1948 जब हमारा देश आजाद हुआ इस समय 3 जिले और बने रायगढ़ ,बस्तर ,सरगुजा इस तरह 1948 तक छत्तीसगढ़ बनने से पहले कुल 6 जिले बन चुके थे। 1973 में बने जिले-    1973 केवल एक जिला बना जिसे राजनंदगांव कहते हैं । इस समय छत्तीसगढ़ बनने से पहले छत्तीसगढ़ में जिले का क्रम जो सातवें नंबर का जिला है वह राजनंदगांव है। Note - याद करने की ट्रिक  ( 1948 से लेकर 1973 जिलों को इस प्रकार से आप याद कर सकते हैं ) "राय बस सर  राज"  राय - रायगढ़ बस  - बस्तर सर - सरगुजा राज - राजनंदगांव

एतिहासिक काल की Notes ( Historical Period Notes in hindi ) RR

  ऐतिहासिक काल (Historical Period)  जैसा कि आपको पता है कि इतिहास का खोज हेरोडोटस ने किया था । इतिहास को जब हम अध्ययन करते हैं तो इसे तीन भागों में बांट कर अध्ययन किया जाता है प्रागैतिहासिक , आध इतिहास और ऐतिहासिक काल। ऐतिहासिक काल की परिभाषा - "वह इतिहास जहां लिखित के स्त्रोत उपलब्ध है और उन्हें पढ़ा भी जा सकता है " इसके अंतर्गत वैदिक काल से लेकर अभी तक के इतिहास को पढ़ा जाता है। ऊपर दिखाई दे रहे चित्र" ऐतिहासिक काल की संरचना "के अनुसार समझिए की ऐतिहासिक काल को किस प्रकार से अध्ययन किया जाता है। ऐतिहासिक काल को अध्ययन करने के लिए तीन मुख्य प्रकार में बांटा गया है जिससे हम ऐतिहासिक काल को अध्ययन करते हैं जो किस प्रकार है- पुरातात्विक, विदेश यात्रा और साहित्य इन तीनों प्रकार के स्त्रोत हम ऐतिहासिक काल का अध्ययन करते हैं। पुरातात्विक - इस प्रकार में इतिहास के ऐतिहासिक काल का अध्ययन करने के लिए दो मुख्य स्त्रोत है जो कुछ इस प्रकार है- (1) . सिक्का (2). अभिलेख (1) . सिक्का   सिक्के का अध्ययन करना न्यूमेसमेटिकस कहलाता है   सिंधु सभ्यता - इस सभ्यता में जो सिक्का पाया था व...